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Friday, April 18, 2014

मजबूर औरत

उफ़ कमबख्त ये दुनिया
उफ़ बेमुरव्वत ये मुआशरा
आज एक औरत ने
औरत की वजह से
एक औरत को मरने को कह दिया।

- मुहम्मद शाहिद मंसूरी "अजनबी"
28th Aug. 2008, '250'

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