Followers

Wednesday, April 16, 2014

परवाज़

तालियाँ तुम कमाते रहो ज़िन्दगी में
ये वादा तो नहीं मगर दिल से दुआ है
शम्मा की तरह ऊपर उठो
तेरी परवाज़ लम्बी हो और
तेरे लफ्ज़ लोगों के सीने में
जगह बनायें
तेरे अल्फाजों से
लोगों की ज़िन्दगी बदले
और वो सारी दुनिया से अल्हदा
ज़िन्दगी जियें !!

- मुहम्मद शाहिद मंसूरी 'अजनबी'
27th June. 05, '220'

No comments:

Post a Comment