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Thursday, May 08, 2014

क्यूँ तुम घबराते हो

क्यूँ तुम घबराते हो
क्यूँ तुम डरते हो
जब मुयईयन है
कज़ा का दिन
तो किससे डरते हो

ज़िन्दगी की शाख से जो

-मुहम्मद शाहिद मंसूरी 'अजनबी' 
20.09.13, '313'

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